कंप्यूटर को दिए जाने वाले ऐसे आदेशों को कहते है।  जो कंप्यूटर को काम करने के लायक बनता है।
अर्थात डॉस डिस्क चलाने का एक ऐसा सिस्टम है। जो कंप्यूटर की सभी जानकारी को नियंत्रित करता है
DOS का प्रसारित रूप Disk Operating System है।
नोट - वर्तमान समय में सबसे अधिक दो अलग-अलग कंपनी के बनाये हुए Operating System का उपयोग हो रहा है। जो काम के आधार पर बराबर है।
(1) MS-DOS (Microsoft Disk Operating System) (2) PC-DOS (Personal Computer Disk Operating System)

DOS
कंप्यूटर को बिजली मिलने के बाद शुरू होने के लिए जिस चीज़ की आवश्यकता होती है। वह DOS Operating System है। जबतक DOS कंप्यूटर में लोड नहीं होता तबतक कंप्यूटर बूट नहीं हो सकता।  कंप्यूटर को Boot होने के लिए तीन फाइलों कि आवश्यकता होती है।  वह MS DOS.SYS, IO.SYS, COMMAND.COM है। 
इन्ही तीन फाइलों को पढ़ कर कंप्यूटर बूट होता है। और अगर पहली दो फ़ाइल ख़त्म हो जाये तब स्क्रीन पर Non-System Disk निर्देश लिखा आजाता है। और अगर Command.com की फ़ाइल ख़त्म हो जाये तब Missing Command Interpret निर्देश लिखा आता है। जब तीनो फ़ाइल उपस्थित हों तब बूटिंग के बाद स्क्रीन पर एक ख़ास निशान (C:\>) दिखाई देता है जिसे prompt कहते है। इस निशान से हम दो चीज़ों का पता लगा सकते है।
(1) कंप्यूटर का काम करने के लिए तैयार हो जाना। 
(2) Drive का यानि किस डिस्क पर काम हो रहा है। जैसे- hard disk
नोट- डॉस की किसी भी कमांड को चलने के लिए यह आवश्यक है कि Prompt पहले से स्क्रीन पर उपस्थित हों।

Prompt:- A से Z तक हो सकता है।  लेकिन आमतौर पर चार तरह के prompt उपयोग में लाये जाते है। अगर हार्ड डिस्क के पार्टीशन न बने हो। जैसे-
कंप्यूटर में दो चीज़ें होती है। 
(1) फ़ाइल (File)    (2)    डायरेक्टरी (Directory)
File:- जिसमे हम अपनी जानकारी लिखते है उसे फ़ाइल कहते है। अर्थात जिस तरह हम कॉपी या कागज का उपयोग लिखने के लिए करते है। ठीक उसी तरह कंप्यूटर में फ़ाइल का उपयोग अपनी जानकारी को लिखने के लिए किया जाता है।
Directory:- जिसमें हम फ़ाइल को सुरक्षित रखते है उसे directory कहा जाता है। जिस तरह सामन की सुरक्षा के हम संदूक का उपयोग करते है। ठीक उसी तरह files की सुरक्षा के लिए Directory का उपयोग किया जाता है।
Name of File
कंप्यूटर में फाइलों के नाम दो तरह के होते है।  (1)    General   (2)    Extension
इन दोनों नामो के बीच संबंध बनाने के लिए Dot का उपयोग करते है। पहले नाम को General Name कहा जाता है। जो ज्यादा से ज्यादा आठ अक्षर में दिया जाता है। और दुसरे नाम को एक्सटेंशन नामे कहा जाता है। जो सिर्फ तीन अक्षर में होता है। इसके द्वारा हम फाइलों के प्रकार का पता लगते है। की यह किस तरह की फाइल है। जैसे - inp, cdr, com, bat, exe आदि। 

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